महा तेजसस्वी अध्यात्म योगी गुरु नानक जी को कौन नहीं जानता. लोग आज भी गुरु नानक जी के बताए अच्छे मार्ग पर चल कर अपना जीवन सुखी बना रहे है.

गुरु नानक जी सिक्ख धर्म के सबसे पहले गुरु है. गुरु नानक जी ने अपने जीवन मे कई देशों की यात्राएं कर लोगो को धर्म और ज्ञान  का पाठ पढ़ाया|

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यूँ तो गुरु नानाक जी ने अपने धर्म कर्म के दौरान लोक कल्याण के लिये अनेको चमत्कार किये और उस समय लोगो को जीवन की सही राह दिखाई.

लेकिन आज हम गुरु नानक जी के जिस अद्भुत चमत्कार से आपको अवगत करवाने जा रहे है वो जगह आज पाकिस्तान में श्री पंजा साहिब गुरूद्वारे के नाम से विख्यात है.

एक बार गुरु जी अपनी यात्रा के दौरान रावलपिंडी के हसन अब्दाल नमक स्थान पर पहुंचे |

वहाँ गुरु नानक जी के मुख तेज को देख! गांव के लोग उनकी तरफ आकर्षित होने लगे. गुरु जी ने गांव के लोगो को अपने उपदेश देते हुए इंसानियत का पाठ पढ़ाया.

वहीं एक पहाड़ी थी जिस पर बलि गंधार नाम का एक व्यक्ति रहता था जो की बहुत ही लालची और अभिमानी था |

उसके घर के पास एक छोटा सा झरना बहता था जिस वजह से वहाँ एक पानी का छोटा सा चस्मा यानी तालाब बना गया था |

वही तालाब ही पूरे गाँव के लिए पानी की एक मात्र उम्मीद था जिसका फाइदा उठा कर बलि गंधार गांव के लोगो से पानी के बदले मे पैसे लेता था यानी शुल्क|

गुरु जी के उपदेशों को सुन गांव के लोग बहुत प्रभावित हुए| गुरु जी के व्यक्तितव , वाणी , विचार ,और उपदेशों की  दूर दूर तक चर्चा होने लगी..

यह देखने और सुनने के लिए लोग वहाँ इकट्ठे होने लगे | जो भी गुरु जी को देखता था वह मंत्र मुग्ध हो जाता था |

अब रोज गुरु जी अपनी मीठी वाणी और विचारों से लोगो को ज्ञान का रसपान करवाते | हर धर्म के लोग चाहे वो हिन्दू हो या मुस्लिम सब गुरु जी को बड़े ध्यान से सुनते |

बहुत से लोग गुरु जी के शिष्य बन गए. जिनमे से कई अलग अलग धर्म के लोग थे मुस्लिम भी थे.

चूं की बलि गंधार भी एक मुस्लिम था और जब बलि गंधार को यह पता चला की गांव के लोग गुरु नानक  जी के भक्त बन गए हैं. तो वह अंदर ही अंदर से बहुत क्रोधित हुआ.

चलिए! नीचे बटन पर click करके आगे की घटना जानते है. की बलि गंधार ने गांव गांव के लोगो के साथ क्या किया तब गुरु नानक जी को कौन सा फ़ौसला लेना पड़ा. 👇👇👇