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Republic day speech hindi | गणतंत्र दिवस पर भाषण 2022

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका आजके इस जोशीले भाषण, republic day speech hindi मे.गणतंत्र दिवस का दिन हर भारतीय के लिये बहुत खास होता है, ऐतिहासिक दृस्टि से 26 जनवरी का दिन भारत का सबसे गौरवशाली दिन है क्योंकि इस दिन भारत का सविधान पारित हुआ था.

दिल्ली सहित भारत के हर राज्य गणतंत्र दिवस धूम धाम से मनाया जाता है और हर जगह पर गणतंत्र दिवस पर भाषण दिया जिए जाते है.दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस का महोत्सव देखने हज़ारो की भीड़ उमड़ती है. विदेशों से अतिथि के रूप कई लोग आते है.

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इस दिन india गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जी द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद तिरंगा फहरा कर राष्ट्रगान करते है. उसके बाद प्रधानमंत्री जी के भाषण उपरांत गणतंत्र दिवस का महा आयोजन शुरू किया जाता है.

जिसमे सेनाओ की परेड, शक्ति प्रदर्शन और भारत के अनेक राज्यों से आई भारतीय कल्चर को दर्शाती हुई अद्भुत झाकियां निकली जाती है.

ज़ब आप स्टेज पर इस जोशीले भाषण को प्रस्तुत करेंगे तो जनता इस भाषण को सुन कर शराबोर हो जाएगी और भाषण के अंत मे खूब तालियां बजेंगी.

तो चलिए शुरू करते है आज का 26 जनवरी का भाषण.

 

Republic day speech hindi | गणतंत्र दिवस पर भाषण 2022

याद रखेंगे वीरों तुमको

यह बलिदान तुम्हारा है

हमको तो है जान से प्यारा

यह गणतंत्र हमारा है 

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी अध्यापक एवं अध्यापिका और सभी शिक्षक को मेरा प्रणाम.

जैसा की आप सभी जानते है,आज हम सब यहां 73वें गणतंत्र दिवस को मनाने हेतु एकत्रित हुए है.

 

क्योंकि आज के ही दिन सन 1950 मे तमाम प्रयासों के बाद हमारा संविधान पूरे भारतवर्ष मे लागू हुआ था.

संविधान लागू होते ही भारत ना सिर्फ अंग्रेजी कानूनी हुकूमत से आज़ाद हुआ बल्कि एक गणतंत्र एवं लोकतान्त्रिक देश बना.

 

यूँ तो भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था लेकिन अभी भी भारत कई अंग्रेजी कानूनों के अधीन था जिसके होते हुए हम पूर्ण स्वराज – स्वतंत्र भारत की कल्पना नहीं कर सकते थे.

इसके इलावा और भी कई पहलुओं को ध्यान मे रखते हुए भारत ने खुद के संविधान को तोयर करने का निर्णय लिया.

संविधान बनने मे 2 साल 11महीने 18 दिन का वक़्त लगा.

और इसी के साथ भारतीय संविधान पूरे विश्व का सबसे बड़ा, लचीला और कठोरतम नियमों वाला संविधान है.

 

इसी वजह से आज का दिन गणतंत्र दिवस के रूप मे पूरे भारत मे धूम धाम से एक पर्व के रूप मे मनाया जाता है.

गणतंत्र का अर्थ होता है, जनता का,जनता के द्वारा -जनता के लिये शासन एवं सरकार.

देश मे जनता का राज ही गणतंत्र कहलाता है. जो जनता बोलेगी वही होगा. जो जनता के हित मे है सरकार को वही करना होगा.

सरकार अपनी मर्जी से ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकती जिसमे जनता को हानी हो.

आज का दिन हर भारतीय के लिये बेहद खास और खुशियों भरा होता है, साथ मे!  भावुकता भरा भी.

क्योंकि ये संविधान के रूप मे हमारे भारत को, जो सौगात प्राप्त हुई है उसके पीछे अनेक भारतीय क्रान्तिकारीयों की क़ुरबानी शामिल है.

बस यह समझ लो संविधान की पुस्तक का हर एक पन्ना भारतीय शहीदों की कुर्बानियों से सींच कर तैयार हुआ है.

इस संविधान की वजह से ही हम सब भारतीय पूर्ण रूप से अंग्रेजी हुकूमत एवं गुलामी से स्वतंत्र हो पाए है.

ये संविधान ही है जो हर भारतीय के अधिकारों की रक्षा करता है.

मौलिक अधिकार – fundamental rights क्या है

ये संविधान ही है जिसने ना सिर्फ भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश बनाया बल्कि सभी को बराबर जीने का हक भी प्रदान किया.

यह संविधान ही है जो देश की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने एवं शासन व्यवस्था को दुरुस्त रखने की ताकत प्रदान करता है.

यदि संविधान  हमें इतना कुछ प्रदान कर रहा है तो ऐसे मे हमारी भी इस संविधान के प्रति बड़ी जिम्मेदारी बनती है की हम भी अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाए.

संविधान मे लिखें सभी नियमों का पालन करना और संविधान की गरिमा को हमेशा बनाए रखना हर भारतीय की जिम्मेदारी बनती है.

सच्च कहो तो भारत का आर्थिक एवं मानवीय विकास तभी होगा ज़ब भारतीय संविधान के नियमों और कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन किया जाएगा.

तो आज से यह प्रण करें, हम अपने हर सामाजिक कार्य को ईमानदारी से करेंगे, सदैव देश के हित मे अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, समय से tax देकर देश के विकास मे पूर्ण योगदान देंगे.

हम ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे देश को नुकसान हो सविधान की गरिमा को चोट पहुंचे.

आखिर मे एक छोटी से शायरी से इस भाषण को पूर्ण विराम देना चाहूंगा.

काँटों मे भी फूल खिलाए

इस धरती को स्वर्ग बनाएं

आओ सबको गले लगाए

हम गणतंत्र का पावन पर्व बनाए 

सभी को मेरी तरफ से गणतंत्र की हार्दिक बधाई.जय हिन्द वंदमातरम.

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तो दोस्तों उम्मीद करता हूं republic day speech hindi आपको बहुत पसंस आई होगी.

चलिए भारतीय संविधान से जुड़े कुछ जरुरी पहलुओं पर नजर डालते है.

26 जनवरी FAQ 

भारतीय संविधान कब बन कर तैयार हुआ?

30 नवंबर 1949 को 

भारतीय संविधान किस दिन लागू हुआ?

26 जनवरी 1950 

भारतीय संविधान बनने मे कितना समय लगा?

2 साल 11 महीने 18 दिन 

 

सविंधान बनने मे कुल कितना खर्च आया?

63 लाख 96 हज़ार 729 रुपए

सविंधान की अध्यक्षता किसने की?

डॉ भीम राव अम्बेदकर जी 

भारतीय संविधान कब बन कर तैयार हुआ?

30 नवंबर 1949 को

भारतीय संविधान किस दिन लागू हुआ?

26 जनवरी 1950 

भारतीय संविधान बनने मे कितना समय लगा?
 

2 साल 11 महीने 18 दिन 

सविंधान बनने मे कुल कितना खर्च आया?

63 लाख 96 हज़ार 729 रुपए

सविंधान की अध्यक्षता किसने की?

डॉ भीम राव अम्बेदकर जी की अध्यक्षता मे

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