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Moral story hindi

ज्ञान बड़ा या बुद्धि best moral story

ज्ञान बड़ा या बुद्धि best moral story

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आज आपका एक और ज्ञान से भरी moral story मे. दरअसल आज की कहानी बहुत अलग है.

जैसा की आपने टाइटल मे पढ़ा की ज्ञान बड़ा या बुद्धि.

आप भी यही सोच रहे होंगे बिना बुद्धि के ज्ञान तो प्राप्त नहीं किया जा सकता तो फिर बुद्धि ही बड़ी होगी.

तो चलिए इस सवाल का सही जवाब  एक कहानी के माध्यम से समझते है.

ज्ञान बड़ी या बुद्धि best moral story

एक घने बरगद के पेड़ की छाँव मे एक ज्ञानी साधु बैठे थे, साधु जी के आस पास बहुत से लोग बैठे थे जो साधु जी के प्रवचन का रसपान कर रहे थे.

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इतने मे एक 40 साल का युवक जो पेशे से डॉक्टर था, वो भी वही लोगो के बीच शामिल हो गया.

 

डॉक्टर महाशय अपने अहंकारी स्वाभाव से साधु से पश्न करते है की ज्ञान बड़ा या बुद्धि.?

 

आवाज़ का स्वर, अजीब था जिससे वहाँ मौजूद सभी का ध्यान उस डॉक्टर की ओर गया.

 

साधु जी बहुत ज्ञानी थे जो की उनकी रूप रेखा, शालीनता व ज्ञान भरी तर्कशील बातो से स्वतः ही झलकता था.

इसलिए सवाल सुन साधु जी ने तुरंत जवाब देते हुए बोले –  निःसंदेह! ज्ञान बुद्धि से उत्तम है.

 

डॉक्टर मु ऐठते हुए बोला :- यह आप कैसे कह सकते है, बिना बुद्धि के ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता, तो फिर ज्ञान बुद्धि से बड़ा कैसे.

 

इस पर ज्ञानी साधु जी बोले – हाँ यह सत्य है की बुद्धि के बिना ज्ञान प्राप्त नहीं हो सकता. किसी भी तरह के ज्ञान को समझने के लिये बुद्धि का होना अनिवार्य है.

 

किन्तु संसार मे कोई मनुष्य या जीव ऐसा दिखा दो जो बिना मस्तिष्क यानी बुद्धि के हो. ऐसा कोई नहीं.

ईश्वर ने सबको बुद्धि प्रदान की है.

तो यह बात तो पक्की है की बुद्धि शुरू से ही सबके पास है. किन्तु वह बुद्धि सिर्फ नाम की बुद्धि कहलाती है.

मस्तिष्क मे मौजूद बुद्धि को ज़ब तक ज्ञान रूपी औजार से ना तराशा जाए तब तक वो बुद्धि कोयले के समान है.

 

यानी मस्तिष्क मे मौजूद जिस बुद्धि की आप बात कर रहे हो उसका ज्ञान के बिना कोई अस्तित्व ही नहीं.

 

यह था पहला तर्क अब इस बात को और अधिक स्पष्ट करने का दूसरा तर्क मेरे इस सवाल से जुड़ा है की आपकी नजरो मे महान व्यक्ति कौन होगा?

 

जिसके पास बुद्धि ज़ादा है या जिसके पास ज्ञान अधिक है?

 

मान लो दो डॉक्टर है, जिनमे से एक डॉक्टर की पहली प्राथमिकता ज़ादा से ज़ादा पैसे कमाना है तो उसके लिये मरीज का जीवन मायने नहीं रखता. बल्कि वो इस एवज मे गलत काम करके अधिक से अधिक धन कमाने की कोशिश करेगा. यानी यहां पर डॉक्टर अपने  बुद्धि से काम ले रहा है जिसमे वह अपने ज्ञान का सदुपयोग नहीं कर रहा. 

वही दूसरा डॉक्टर, जिसकी पहली प्राथमिकता लोक सेवा जन कल्याण है उसके लिये मरीज का जीवन उतना ही कीमती होगा जितना की उसके परिवार का जीवन.ऐसा डॉक्टर पूरी ताकत और तजुर्बा लगा देगा किसी भी मरीज की जान बचाने के लिये.

99% केस मे इस तरह के डॉक्टर मरीज की जान बचाने मे उन्हें ठीक करने मे सफल भी होते है.

अब आप बताइये की डॉक्टर होना महान है या जान बचाने वाला तथा मरीज को नया जीवन देने वाला महान है?

इससे यह पता चलता है की बुद्धिमान इंसान ज्ञान का दुरूपयोग कर सकता है किन्तु ज्ञानी मनुष्य ना तो कभी अपने ज्ञान का दुरूपयोग करेगा और ना ही अपनी बुद्धि का.

हर डॉक्टर बुद्धिमान हो सकता है लेकिन ज्ञानी नहीं. क्योंकि सिर्फ ज्ञान अर्जित करना ही काफ़ी नहीं होता ज़ब तक की उसका सदुपयोग ना किया जाए.

 

अतः हर ज्ञानी मनुष्य बुद्धिमान हो सकता है किन्तु हर बुद्धिमान मनुष्य ज्ञानी हो! यह जरुरी नहीं.

 

तीसरा तर्क यह है की – जिस तरह एक खूबसूरत मकान बनने मे कई तरह के छोटे बड़े ईट – पत्थर – मिट्टी – बजरी-  रेत-  सरिया – पेंट, लगता है.

ठीक उसी तरह बुद्धि भी उस मकान की तरह है जिसे तमाम तरह के ज्ञान ने मिलकर प्रगतिशील बनाया होता है .

 

ज्ञान के बिना बेहतर बुद्धि की कल्पना नहीं जा सकती.

अतः इन तमाम तर्कशील बातो से यह साबित होता है की ज्ञान, बुद्धि से कहीं उत्तम है.

 

हर मनुष्य मे बुद्धिमत्ता का स्तर कम या अधिक हो सकता है. किन्तु ज्ञान हर कोई प्राप्त कर सकता है.

 

जीवन और रिश्तो को बेहतर बनाने के बुद्धि से कहीं ज़ादा ज्ञान की आवश्यकता होती है.

 

बुद्धिमानी से मनुष्य गणित के सवाल हल कर सकता है किन्तु जीवन के गणित का हल सिर्फ ज्ञान से होगा.

 

महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ तो उन्होंने पूरी दुनियां को जीवन का सही मतलब सिखाया.

 

बुद्धि हरी जा सकती है किन्तु ज्ञान नहीं.

 

बुद्धिमान मनुष्य मोह माया मे फंस सकता है किन्तु आत्म ज्ञानी मनुष्य कभी मोह मे नहीं फंसता.

 

ज्ञानी साधु की इन तमाम तर्कशील बातो ने डॉक्टर के मन को संतुष्ट कर दिया. डॉक्टर ज्ञानी साधु के चरणों मे जा गिरा.

 

Moral from this story

तो दोस्तों ज्ञान बड़ा या बुद्धि best moral story से अब आप अच्छे से फैसला कर सकते है की आपको बुद्धिमान बनना है या ज्ञानवान.

 

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