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chanakya thoughts success जीवन बदल देने वाले विचार

चाणक्य जी के 5 अद्भुत ज्ञान – chanakya thoughts success जीवन बदल देने वाले विचार.

 

कहा जाता है कि व्यक्ति अपने दुख की वजह स्वयं ही होता है. लेकिन वास्तविकता के धरातल पर इस बात को परखा जाए तो कई बार परिस्थितियां व्यक्ति को दुखी होने पर विवश करती रहती 

 हैं.

इंसान एक सामाजिक प्राणी है जो कई तरह की परिस्थितियोंं का गुलाम है.

क्योंकि  अपने  मन को काबू मे रखना और विपरीत परिस्थितियों मे  मन को स्थिर  रख पाना…. 

एक ऐसी कठिन तपस्या की भांति है जिसे आमतौर पर सामान्य मनुस्य के लिए कर पाना सरल नहीं है….. 

आचार्य चाणक्य ने भी चाणक्य नीति में ऐसी 5 मनो स्थितियों का वर्णन किया है जो व्यक्ति को हर पल दुख के ताप में जलाती हैं.

 इन मनो स्थितियों के बीच फंसे व्यक्ति का मन,  

हर दिन आग की तरह झुलसता है. चलिए जानते है कौन सी हैं वो 5 मनो स्थितियां.

Chanakya-thoughts-success

chanakya thoughts success 

 पहली मनो स्थिति  है लोभ और स्वार्थ

लोभी और स्वार्थी मनुष्य जीवन मे कभी भी सुकून और संतुष्टि प्राप्त नहीं कर सकता. जिस वजह से वो अक्सर दुःखी रहेगा  और, दूसरों के सामने खुश रहने का दिखावा करता रहेगा.  

 

क्योंकि लोभी और स्वार्थी मनुष्य की कभी ना खत्म होने वाली इच्छापूर्ति लालसा, उसे कभी सुकून से नहीं जीने  देती. मन सदैंव लोभी विचारों से भरा रहता है. 

दूसरी मनो स्थिति है ईर्षा और क्रोध

 

ज़ब भी मनुष्य दूसरों से ईर्ष्या रखता है, 

 

यानी  किसी के सुख और सफलता को देख देख कर जलना एवं उससे ईर्षा करना, दुःख का बहुत बड़ा कारण बन जाता है. 

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वही क्रोध वो आंधी है जो ज्ञान रूपी दीपक को बुझा कर अपने साथ सुख चैन- उड़ा कर लें जाती है. 

 

 तीसरी मनो स्थिति होती है नकारात्मक विचारधाराए.

 

बुरी चीजें देखने -सुनने और गलत संगत मे रहने पर – मन मे नकारात्मक विचार जन्म लेते है. 

 

कुछ नकारात्मक विचार ऐसे होते है जो मनुस्य को जीवन मे किसी भी बड़े लक्ष्य तक पहुंचने नहीं देती.

 

 नतीजा वो असफल हो जाता है और दुःखी हो जाता है. 

कुछ नकारात्मक विचार ऐसे भी होते है जो कुछ समय के लिए तो मन को बहुत मजा और सुकून देते है

 

 जैसे लोभ और वासना 

लेकिन भविष्य मे ज़ब उनका परिणाम एक  भयानक रूप लेकर सामने आता है तो यह उस मनुस्य के लिए दुःख और चिंता का विषय बन जाता है. 

 

 चौथी मनो स्थिति है – आलसी मन 

एक आलसी मन – दूरगामी और बड़ी योजनाएँ बनाने वाली सोचने समझने की शक्ति खत्म कर देता है. 

 

क्यों की मन मे भरा हुआ आलस धीरे धीरे मन की सकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता रहता है. 

 

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नतीजा – मनुस्य जीवन मे कोई बड़ी उपलब्धि एवम लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता और दुःखी होता रहता है. 

 

ऐसा मनुस्य सदैंव निराशा से घिरा रहता है. जीवन से सुकून खत्म होने लगता है. 

 

 पांचवी मनो स्थिति है…. अपमान का घूट और बदले की भावना

 

अपमान का घूट पीना हर किसी के बस की बात नहीं. 

 

लेकिन ज़ब भी अपमान होता है तो मनुष्य उसे अपने मन मे रख कर लम्बे समय तक उस अपमान का बदला लेने  के बारे विचार करता रहता है 

 

और ज़ब वो बदला नहीं लें पाता तो बहुत दुःखी होता रहता है. यानी बदले की भावना मनुस्य को कभी सुकून से नहीं जीने देती. 

chanakya thoughts success परिस्थिति 

इन 5 मनोस्थितियों के इलावा एक परिस्थिति का वर्णन भी किया है जिससे दुनियां का 45% इंसान जूझ रहा 

 

इस परिस्थिति का नाम है – ग़रीबी

ग़रीबी एक परिस्थिति है. 

ग़रीबी को एक अभिशाप  कहा गया है…

 

 क्योंकि एक गरीब के लिए जीवन की मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना सबसे ज़ादा  कठिन हो जाता है…. 

 

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तो ऐसे मे वो बहुत निराश और दुःखी हो कर अपनी किस्मत को कोसने के इलावा और कुछ नहीं कर पाता.

 

 जैसे मौक़े पर धन की कमी और ऋण लेकर उसे चुका ना पाना. जैसी और भी  कई परिस्थितियाँ. 

 

तो दोस्तों इन पांचो स्थितियों से सदैंव खुद को  बचाए रखो

 मन को काबू मे रखो 

सकारात्मक सोचो और जीवन का आनंद लो. सुकून से जियो.

 

तो दोस्तों एक सुखी और समृद्ध जीवन जीना है तो chanakya thoughts success जीवन बदल देने वाले विचार चाणक्य की ये 5 बातें हमेशा याद रखना.

हम अपने blog पर ज्ञान से भरी ऐसी ही तमाम post आपके लिए लाते रहते है जिससे मन मे ज्ञान का प्रकाश फैलता है.

 

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