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Class 4 short moral stories hindi best

Class-4 short moral stories hindi –नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका बच्चो के लिए ज्ञान और शिक्षा से भरी छोटी छोटी रोचक कहानियों की इस  दुनियां मे. 

हम यहां पर class 4 के बच्चों के लिए (Hindi short stories for kids) ज्ञान से भरी कहानियाँ लेकर आए है,   जिसे आप अपने बच्चो को सुनाकर बहुत  आसानी से  उनके ज्ञान का विकास  कर सकते है.

 

Class 4 की इन hindi moral stories से मिलने वाला ज्ञान जीवन मे बहुत काम आएंगे. 

 

ईमानदारी का फल| Class 4 short moral stories hindi 

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Class 4 moral stories hindi

एक गांव मे एक लकड़हारा हुआ करता था. जो की बहुत ईमानदार था.

 

लेकिन वो लकड़हारा बहुत गरीब था. पर फिर भी वो खुश था.

 

लकड़हारा रोज मेहनत करता.जंगल से सुबह से शाम तक खूब लकड़िया काट जर लाता और उसे बाजार लेजाकर बेच देता.

उससे मिलने वाले पैसों से लकड़हारा अपना और परिवार का पेट पालता था.

एक दिन लकड़हारा नदी किनारे एक सूखे पेड़ पर चढ़ कर लकड़िया काट रहा था.

 

 

Class 4 short moral stories
Man holding axe, illustration, vector on white background.

अचानक उसके हाथ से कुल्हाड़ी छूट कर दूर गहरे नदी मे जा गिरती है.

 

लकड़हारा तुरंत पेड़ से नीचे उतरता है.. और खूब चिल्लाता है की हाए मेरी कुल्हाड़ी..

 

उस नदी मे जल देवता रहते थे जिन्होंने इस लकड़हारे की ईमानदारी की बहुत चर्चा सुनी थीं.

लकड़हारे को तैरना तो आता नहीं था. इसलिए उदास हो कर वहीं नदी किनारे बैठ गया.

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इसी कुल्हाड़ी की मदद से वो लकड़िया काट कर पैसे कमाता था.

यह सब कुछ जल देवता पानी के अंदर से देख रहे थे. तब जल देवता ने सोचा की यही सही मौका इस लकड़हारे की ईमानदारी को परखने का.

 

इतने मे उस नदी से जल देवता निकल कर आए और उस लकड़हारे से पूछा –

क्या हुआ बेटा तुम ऐसे रो क्यों रहे हो.? 

क्या परेशानी है पुत्र. बताओ मे तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूं.? 

 

तब लकड़हारे ने जल देवता को अपनी सारी कहानी सुनाई.

जल देवता को लकड़हारे की सारी बातें सुन कर बहुत दया आई.

जल देवता ने लकड़हारे की सारी मुश्किलें और गरीबी दूर करने के लिए मदद करने की सोची.

 

जल देवता ने जादू से चांदी की एक चमचमाती कुल्हाड़ी निकाली और लकड़हारे को देते हुए बोले ये लो तुम्हारी कुल्हाड़ी.

 

कुल्हाड़ी देखते ही लकड़हारे ने कुल्हाड़ी लेने से साफ मना कर दिया. और बोला की नहीं जल देवता यह मेरी कुल्हाड़ी नहीं है.. मैं ये कुल्हाड़ी नहीं लें सकता.मेरी कुल्हाड़ी चांदी की नहीं थीं. 

 

इसके बाद जल देवता ने जादू से चमचमाती हुई सोने की कुल्हाड़ी निकली.
इस बार भी लकड़हारे ने उस कुल्हाड़ी कज केने से मना कर दिया.

 

और अपनी जिद्द पर अड़ा रहा की मुझे बस मेरी कुल्हाड़ी चाहिए.

लकड़ हारे की इस ईमानदारी को  देख कर जल देवता बहुत प्रसन्न हुए.

 

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तब जल देवता ने लकड़हारे को उसकी वहीं लोहे की कुल्हाड़ी देते हुए कहा ये लो तुम्हारी कुल्हाड़ी.

 

अपनी कुल्हाड़ी अपने हाथो मे लेकर लकड़हारा बहुत खुश हुआ. और जल देवता का दिल से धन्यवाद किया.

तब जल देवता लकड़हारे को सोने और चांदी की कुल्हाड़ी देते हुए बोले की – हे लकड़हारे, मै तुम्हारी ईमानदारी से बहुत खुश हूं.

 

इसलिए  ये सोने चांदी की कुल्हाड़ी मे तुम्हे उपहार स्वरुप देना चाहता हूं. इसलिए मना मत करना इसे स्वीकार करो.

 

जल देवता की बातो का मान रखते हुए.. लकड़हारे ने वो दोनों कुल्हाड़ी भी स्वीकार कर ली. और जल देवता का धन्यवाद करके खुशी ख़ुशी वहाँ से चला गया.

 

Moral from this hindi short story

तो दोस्तों इस short moral story for kids से हमें ये सीख मिलती है की जीवन मे हमेशा ईमानदार रहो. कभी लालच मत करो.

आपकी ईमानदारी से ख़ुश होकर ईश्वर एक दिन आपको खूब बरकत देंगे.

 

 

 

चलिए अब बढ़ते है class 4 की अगली short moral stories की तरफ

 

 

घमंडी मेढ़क ||class 4 hindi short moral stories

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एक बार की बात है,  एक वीरान सि कीचड़ वाली बहुत बड़ी जगह मे बहुत सारे मेंढक रहा करते थे.

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सारा दिन वो मेंढक इधर से उधर फुदकते रहते. इन्ही मे एक मेंढक का शरीर बाक़ी सभी मेंढ़को से काफ़ी बड़ा था.

 

सिर्फ यही नहीं, वो मेंढक अपने शरीर को फुला कर और भी बड़ा कर लेता था जिससे उस मेंढक का शरीर और ज़ादा बड़ा दिखाई देता.

 

सभी मेंढ़को से बड़ा शरीर होने की वजह से उस मेंढक को यह घमंड हो गया की मेरा धरती पर बड़ा है.

 

उस मेंढक ने अभी तक जीवन मे अपने से बड़ा कोई जीव नहीं देखा था.

 

वहीं से कुछ दूर एक सूअर घास खा रहा था. कुछ मेंढ़को की नजर उस सूअर पर पड़ी. तो उन्हों ने ये सुचना तुरंत उस बड़े घमंडी मेंढक को दी.

की हमने अभी अभी यहां से कुछ दूर तुमसे भी बड़ा एक जीव देखा.

वो तुमसे काफ़ी बड़ा था..

यह सुन मेंढक अपनी गुरुर भरी आवाज़ मे बोला… हट, नामुमकिन. ऐसा हो ही नहीं सकता….

इतना बोलते हुए मेंढक ने अपना शरीर और फुला लिया.. फिर बोला अब बताओ = क्या इससे भी बड़ा था वो…

मेंढक बोले = हाँ वो इससे भी बड़ा था..

इस बार घमंडी मेंढक ने अपने शरीर को और ज़ादा फुला लिया…

मेंढक फिर बोले… इससे भी बड़ा.

घमंडी मेंढक ने उस जैसे ही शरीर फुलाया वो जोर से फट गया. और मर गया.

Moral from this short story

तो दोस्तों इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है… घमंड एक दिन मौत की सबसे बड़ी वजह बन जाती है.

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मस्याओं का हल moral story for kids hindi 

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10 साल का एक राहुल नाम का लड़का था. राहुल के पिताजी कोई किताब पढने में व्यस्त थे, पर उनका बेटा राहुल बार-बार आता और उल्टे-सीधे सवाल पूछ कर उन्हें डिस्टर्ब कर देता।

 

पिता के समझाने और डांटने का भी उस पर कोई असर नहीं पड़ रहा था. बच्चा तो आखिर बच्चा.

 

तब उन्होंने सोचा कि अगर बच्चे को किसी और काम में उलझा दिया जाए तो बात बन सकती है।

 

उन्होंने पास ही पड़ी एक पुरानी किताब उठाई और उसके पन्ने पलटने लगे। तभी उन्हें विश्व मानचित्र छपा दिखा, उन्होंने तेजी से वो पेज फाड़ा और बच्चे को बुलाया– ”देखो ये वर्ल्ड मैप है, अब मैं इसे कई पार्ट्स में कट कर देता हूँ, तुम्हे इन टुकड़ों को फिर से जोड़ कर वर्ल्ड मैप तैयार करना होगा”।

और ऐसा कहते हुए उन्होंने ये काम बेटे को दे दिया।

 

राहुल तुरंत मैप बनाने में लग गया और पिता यह सोच कर खुश होने लगे की अब वो आराम से दो-तीन घंटे किताब पढ़ सकेंगे।

 

लेकिन ये क्या, अभी पांच मिनट ही बीते थे कि राहुल दौड़ता हुआ आया और बोला, ”ये देखिये पिताजी मैंने मैप तैयार कर लिया है”।

 

पिता ने आश्चर्य से देखा, मैप बिलकुल सही था– ”तुमने इतनी जल्दी मैप कैसे जोड़ दिया, ये तो बहुत मुश्किल काम था ?”

 

अरे नहीं पिता जी ये बहुत आसान था.

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आपने जो पेज दिया था उसके पिछले हिस्से में एक कार्टून बना था, मैंने बस वो कार्टून कम्प्लीट कर दिया और मैप अपने आप ही तैयार हो गया।” और ऐसा कहते हुए वो बाहर खेलने के लिए भाग गया और पिताजी सोचते रह गए।

 

शिक्षा – समस्याओं का हल moral story hindi 

कई बार हम समस्याओं को एक ही तरीके से हल करने का प्रयास करते है. इसलिए समस्याए नहीं सुलझ पाती.

समस्याओं को सुलझाने के अलग अलग तरीको का प्रयोग करें.

 

दोस्तों,कई बार जीवन में आने वाली समस्याएं भी ऐसी ही होती हैं, सामने से देखने पर वो बड़ी भारी-भरकम लगती हैं, मानो उनसे पार पाना असंभव ही हो,

 

लेकिन जब हम उनका दूसरा पहलु देखते हैं तो वही समस्या आसान बन जाती हैं, इसलिए जब कभी आपके सामने कोई समस्या आये तो उसे सिर्फ एक नजरिये से देखने की बजाये अलग-अलग दृष्टिकोण से देखिये, आपको उस समस्या का हल अवश्य मिलेगा.

 

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