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DSP Hima das speech hindi success story

DSP hima das –नमस्कार दोस्तों आज हम अपने इस पोस्ट मे जानेंगे की भारत की महान महिला  खिलाड़ी हीमा दास ने DSP बनने पर कैसा महसूस किया और क्या speech दी. 

साथ मे यह भी जानेंगे की DSP का मतलब क्या होता है? 

आखिर बिना किसी सिविल exam क्रेक किये इतनी कम उम्र मे DSP की पोस्ट पर कैसे बैठा दिया? 

 

DSP hima das speech and success story hindi

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जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे है भारत का नाम पूरी दुनिया मे रोशन करने वाली ,सफलता का एक नया इतिहास रच कर अपनी रफ्तार का लोहा पूरी दुनिया को मनवाने वाली लड़की हिमा दास (DSP hima das) की. 

 

अंतराष्ट्रीय खेलो मे सबसे ज़ादा gold मैडल जीतने वाली hima das को भारत के राष्ट्रपति श्री  रामनाथ कोविंद के हाथो अर्जुन पुरष्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. 

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शुक्रवार 26 फ़रवरी 2021 को असम मे एक समारोह मे असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने अपने हाथो हीमा दास को DSP के पद का नियुक्ति पत्र सौपा. 

 

समारोह के दौरान वहाँ DGP सहित सभी बड़े पोलिस ऑफिसर भी मौजूद थे. 

 

इसी के साथ 21 साल की  हीमा दास भारत की सबसे कम उम्र मे DSP बनने वाली सबसे पहली महिला बन गई. 

 

समारोह मे  हीमा दास DSP की यूनीफॉम मे पहुंची. जैसा की image मे देख पा रहे हो. 

 

कंधो पर लगे सितारे इस गौरवशाली मुकाम तक पहुंचने की गाथा सुना रहे है. 

 

DSP hima das ki speech kyo hai jaruri 

 

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दोस्तों DSP hima das की speech को जानना इसलिए बहुत जरुरी हो जाता है क्योंकि इससे हीमा दास के जिंदगी के लक्ष्य और मानसिकता का पता चलेगा जिससे आपको बहुत प्रेरणा तो मिलेगी ही इसके साथ साथ इस सवाल का उत्तर भी मिलेगा की क्या हीमा दास अब sports से सन्यास लें लेंगी या फिर spors भी जारी रखेंगी. यदि ऐसा है तो वो कैसे कर पाएंगी ये सब. 

 

क्योंकि DSP  एक बहुत ही ऊँची पुलिस अधिकारी पोस्ट होती है. बहुत ही ज़ादा जिम्मेदारी वाला काम होता है इस पोस्ट पर. तो चलिए जानते है DSP बनने पर hima das जी का क्या कहना है. 

 

सोशल मीडिया पर हिमा की जबरदस्त फैन फोलइंग है DSP बनते ही hima das की  फेसबुक पर तस्वीरें साझा कीं गई. अपनी speech की शुरुआत hima das ने असम सीएम को दिल से धन्यवाद कहते हुए  किया.

 

पूरे उत्साह के साथ hima das बोली की असम पुलिस को  ज्वाइन करना ना सिर्फ मेरे बचपन का सपना रहा बल्कि मेरी माँ भी मुझे पुलिस की पोस्ट पर देखना चाहती थीं. 

 

इसी के साथ hima das ने अपने बचपन का एक किस्सा शेयर करते हुए कहा.की ज़ब मैं 6 साल की थीं तब मेरी माँ ने एक मेले मे मेरे लिए एक पिस्टल का खिलौना खरीदा और उस पिस्टल को मेरे हाथो मे सौपती हुई बोली की बेटा मैं तुझे पुलिस बनाना चाहती हूं. 

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 DSP बनने के बाद भी उन्होंने कहा कि मेरा एथलेटिक्स करियर जारी रहेगा। 

मां कहती थी कि मैं असम पुलिस की सेवा करूं और अच्छी इंसान बनूं।’

 

एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता और जूनियर विश्व चैम्पियन हिमा ने कहा कि वह पुलिस की नौकरी के साथ खेलों में अपना करियर भी जारी रखेगी।

 

हिमा ने कहा, ‘मुझे सब कुछ खेलों की वजह से मिला है। मैं प्रदेश में खेल की बेहतरी के लिए काम करूंगी और असम को हरियाणा की तरह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाने की कोशिश करूंगी। असम पुलिस के लिए काम करते हुए अपना कैरियर भी जारी रखूंगी।

 

तो दोस्तों यह यह थीं DSP बनने के बाद hima das की प्रेरणादायक छोटी सि speech. 

 

चलिए जानते है DSP का मतलब क्या होता है? 

 

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DSP की full form होती है  – Deputy Superintendent of Police. 

 

Hindi मे इस पद को उप अधीक्षक पुलिस कहा जाता है. 

 

DSP, अपना कार्य एक SP के दिशा निर्देश अनुसार कार्य करता है. यदि SP किसी वजह से गैर हाजिर हो तो SP का सारा कार्य भार DSP देखता है. 

 

DSP से एक पद नीचे वाले पुलिस अधिकारी को इंस्पेक्टर कहते कहते है. यह एक थाने के इंचार्ज होते है. 

 

DSP से एक कदम  के ऊपर वाले अधिकारी को ASP कहा जाता है. जो की एक IPS under ट्रेनिंग पुलिस ऑफिसर होता है. 

 

DSP पूरी एक डिस्टिक (तहसील) के सभी पुलिस थानो का इंचार्ज होता है. 

 

तो दोस्तों यह थीं DSP पोस्ट की जानकारी. 

 

चलिए अब जानते है आखिर बिना कोई सिविल  exam पास किये

hima das को कैसे DSP पद हासिल हुआ.? 

 

दोस्तों यह सम्भव हो पाया है असम राज्य के सरकार की नई पोलिसी की वजह से. 

 

असम सरकार ने अपनी नीतियों मे संशोधन करते हुए देश के लिए पदक (मैडल्स) लाने वाले खिलाड़ियों के लिए  एक बहुत बड़ा तोहफा दिया. 

 

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जिसमे उन्होंने कहा की हमारे राज्य के उन सभी  खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी जिन्होंने विभिन्न अंतराष्ट्रीय खेलो मे पदक  हासिल कर देश का नाम रोशन किया. 

 

दोस्तों असम सरकार ये बदलाव आज की युवा पीढ़ी को खेलो की तरफ और ज़ादा आकर्षित करेगी. जिससे आपने वाली पीढ़िया नशे या फिर भी तरह के सामाजिक जुर्म से दूर रहेगी. 

 

तो दोस्तों sports को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की जिंदगी बनाने के प्रति लिया गया असम सरकार का यह फैसला आपको कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताना. 

 

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दोस्तों एक समय था ज़ब hima das जूतों से ही रेस लगाया करती थीं. तो आखिर कैसे इतनी बड़ी खिलाड़ी बन पाई? तो चलिए जानते है Hima das की सफलता की अद्भुत दास्तां और   DSP बनने तक की सारी कहानी. Read more…

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