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Shikshaprad moral story in hindi

Shikshaprad moral story in hindi

आज की प्रेरक कहानी shikshaprad moral story in hindi बेहद ज्ञान से भरी है. इस कहानी से आपको अच्छे स्वाभाव व आचरण की ताकत का पता चलेगा.

हम आप के लिये रोज नैतिक कहानियाँ शिक्षाप्रद कहानियाँ लाते रहते है.

स्वाभाव बदलने वाली दवा – shikshaprad moral story in hindi 

Shikshaprad-moral-story-in-hindi

एक समय की बात है एक बहुत ज्ञान और तपस्सवी सन्यासी पहाड़ो पर ही अपना जीवन यापन किया करता. वह बहुत ज्ञानी था उसके पास दूर दूर se लोग अपनी समस्याए लेकर आते. वह सन्यासी सबकी समस्याए अपने किसी ना किसी जदी बूटी se कर ही देता.

एक बार वही आस पास की एक दुःखियारी महिला सन्यासी के पास बड़ी उम्मीदें लेकर आई और कहने लगी बाबा मेरे दुखो का भी निवारण करो.

मेरा पति ज़ब se युद्ध se वापिस आया है तब उनका स्वाभाव ही बहुत बदला बदला सा है वो मुझसे ठीक se बात नहीं करते और ज़ादातर घर से बाहर ही रहने लगे है.

पहले वो हमसे बहुत प्रेम करते थे अब पता नहीं क्या हुआ.

आप मुझे कोई ऐसी दवा बना कर दो जिससे उनका स्वाभाव बदल जाए और वो पहले जैसे हो जाए.

तब सन्यासी बोले – आप चिंता ना करें. आपकी इस समस्या का निवारण आवश्य होगा. स्वाभाव बदलने के लिये जो दवा मै बनाऊंगा उसके लिये एक चीज की आवश्यकता पड़ेगी. लेकिन उसमे प्राण संकट में आ सकते है.

औरत कुछ सोची और निडरता से बोल, बाबा, आप बताइये वो चीज क्या मेरे सामर्थ्य में हुआ तो कैसे भी करके मै वो लाऊंगी.

तब सन्यासी बोला एक बार पुनः विचार कर लो, इस दवा को बनाने के लिये शेर के मूछों का एक बाल चाहिये.

स्त्री निडरता से बोली हाँ मै जरूर ला दूंगी ये मेरे वर्तमान जीवन से ज़ादा दुखदाई नहीं… वैसे भी अभी का हाल ऐसे है की जिंदगी मरे के समान ही है. इतना बोलते हुए वो वहाँ से चली गई.

स्त्री दो दिन तक जंगलो मे आकर बार बार शेर को खोजती रही लेकिन शेर कहीं मिल ही नहीं रहा था. तीसरे दिन स्त्री ज़ब एक बड़े से तालाब की ओर जा रही तभी उसे एक शेर तालाब किनारे पानी पीते हुए दिखा.

स्त्री झाड़ियों से शेर को देख रही थी, झाड़ियों की हल चल से शेर ने स्त्री को देख लिया, देखते ही शेर ने जोर से दहाड़ मारी.

दहाड़ सुन स्त्री बहुत डर गई उसकी शेर के पास जाना तो दूर वहाँ खड़े रहने की भी हिम्मत नहीं हुई. वो तुरंत उल्टे पाँव वहाँ से चली गई .

अगले दिन स्त्री हिम्मत कर के फिर से वही आई और कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा, शेर को अब शायद इसकी आदत पद चुकी थी अब वह स्त्री को देखकर दहाड़ता नहीं था.

स्त्री ने धीरे धीरे शेर के कुछ नज़दीक जाना शुरू किया. वह शेर के लिये रोज मांस के टुकड़े लाने लगी और उन टुकड़ो को दूर से शेर की तरफ फेंकने लगी.

हालांकि यह करते हुए स्त्री के पैर हाथ थर- थर कापते किन्तु रोज हिम्मत करते हुए उसने इस डर का सामना करना सीख लिया था.

अपने डर और जीवन मृत्यु को दर किनार करते हुए स्त्री अब शेर के बहुत नज़दीक आने लगी. शेर भी उसे अपने एक दम करीब देख कोई रिएक्ट नहीं करता.

दोनों मे अब दोस्ती हो चुकी थी स्त्री शेर को सरहलाने लगी. एक दिन हिम्मत करके स्त्री ने शेर की मूछों का बाल भी निकाल लिया. शेर दहाड़ा लेकिन उसने स्त्री को कुछ नहीं कहा.

स्त्री शेर की मूछों का बाल ले कर तुरंत सन्यासी के बाद आई और वो बाल देते हुए बोली लो सन्यासी जी मै बाल ले आई.

सन्यासी हवन के सामने बैठा था. सन्यासी ने वो बाल लिया और उसे हवन की आग मे डाल दिया.

यह देख स्त्री दंग रह गई और कहने लगी अरे सन्यासी जी ये आपने क्या किया. आप तो इस बाल की मदद से स्वाभाव बदलने वली दवा बनाने वाले थे तो अब दवा कैसे बनेगी.मै अपनी जान खतरे मे डाल इस बाल को लाइ थी.

अब सन्यासी जी बोले – बेटा, आप बहुत बहादुर हो, आपके अंदर बहुत काबिलियत है इस बीच आपने अपने डर को हरा कर अपने प्रेम स्वाभाव से शेर के स्वाभाव को बदल डाला.ज़रा सोचो, आपने अपनी जान की परवाह किये बिना ज़ब एक खूंखार शेर को अपने प्रेम से काबू कर लिया.

 

अब ज़रा विचार करो ज़ब आप अपने प्रेम मित्रता भरे व्यवहार से शेर का स्वाभाव बदलने मे कामयाब हो गई तो इंसान क्या चीज है.

आप रोज अपने पति को अपने प्रेम मे पुनः बांध सकती हो. आपके प्रेम स्वाभाव से प्रभावित होकर एक दिन आपके पति का स्वाभाव पूरी तरह से बदल जाएगा.

वो पहले की तरह आपसे प्रेम करने लगेगा.

अभी के समय मे उसका मन विचलित है.महिला सन्यासी की बात समझ गई और वो तुरंत घर चली गई.

तो चलिए दोस्तों जानते है इस shikshaprad moral story in hindi से क्या सीख मिलती है?

 

Shikshaprad moral story in hindi कहानी से सीख

shikshaprad moral story in hindi से सीख मिलती है की दोस्तों प्रेम भरा स्वाभव हर किसी को पसंद आता है प्रेम भरा स्वाभव हमारे आचरण एवं व्यक्तित्व को सुंदर बनाता है. अच्छे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को हर इंसान पसंद करते है.

अपने अच्छे स्वाभाव से किसी का भी दिल व मन जीता जा सकता है.

महात्मा बुद्ध के भी सुंदर शालीन स्वाभाव को देख विख्यात खूंखार डाकू तक बहुत प्रभावित हुआ था और अंततः डाकू का स्वाभव बदल गया था.

आज से आप लोग भी अपने स्वाभव को ज़ादा से ज़ादा अच्छा बनाने का प्रयास करें गुस्सा त्याग कर लोगो की मदद करर इर्षा मन से निकाल दें देखना आपके जीवन मे बहुत सुंदर सकारात्मक प्रभाव होंगे.

उम्मीद करता हु इस shikshaprad moral story in hindi से आपको बहुत प्रेरणा मिली होगी व सीख मिली होगी.

 

हम अपने इस blog पर एड़ी ही यमाम ज्ञान से भरी किस्से कहानियाँ लाते रहते है जिन्हे पढ़ कर आपका जीवन खूबसूरत बनता है और आपके आध्यात्मिक ज्ञान मे इज़ाफ़ा होता है जो की जीवन मे बहुत काम आता है.

 

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