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5 Dharmik moral story सन्यासी का ज्ञान

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सब का आज की dharmik moral story मे. आज हम आपके लिए एक ऐसी dharmik moral story लें कर आए है जिससे आपको स्वयं की  वास्तविकता को जानने का ज्ञान मिलेगा.

Dharmik moral story –  सन्यासी का ज्ञान 

एक सन्यासी सारी दुनियां की यात्रा करके भारत लौता. एक छोटी सि रियासत मे मेहमान हुआ. उस रियासत के राजा को ज़ब पता चला तो वो उनसे भेट करने गए. 

और बोले हे महत्मा, एक प्रश्न 20 वर्षो से निरंतर पूछ रहा हूं कभी खुद से तो कभी दूसरों से. लेकिन अब तक कोई सतुष्ट कर देने वाला उत्तर नहीं मिला. 

 

क्या आप मुझे उत्तर देंगे. महत्मा ने कहा, निश्चित रूप से दूंगा राजन, आप पूछिए तो सही क्या पूछना है. आज आप खाली हाथ नहीं लौटेंगे. 

 

इस पर राजा ने कहा, मैं ईश्वर से मिलना चाहता हूं. और हाँ अब आप भी मुझे, बाकियो की तरह ईश्वर को समझाने का प्रयास मत करना. 

 

मैं बस अब सीधा ईश्वर से मिलना चाहता हूं. सन्यासी ने कहा अभी मिलना चाहते हो या थोड़ी देर ठहर कर. 

 

माफ करिये महात्मन, शायद आप भूल कर  रहे है, मैं परमपिता परमात्मा से मिलवाने  की बात कर रहा हूं. ना की किसी ईश्वर नाम के व्यक्ति विशेष से. 

 

सन्यासी मुस्कराए और बोले, महानुभव, भूलने की तो कोई गुंजाईश ही नहीं है, मैं तो 24 घंटे ईश्वर से मिलाने का ही काम करता हूं. 

 

अभी मिलोगे या थोड़ी देर ठहर कर सीधे जबाब दो. 

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राजन कुछ क्षण टक टकी लगाए कृतग्यता भरे भावों से सन्यासी की ओर देखता रहा फिर हिम्मत करके बोला की मैं अभी मिलना चाहता हूं आप मुझे बस  अभी मिलवा दीजिये. मैं आपका ये आभार जिंदगी भर नहीं भूलूंगा. 

 

सन्यासी ने कहा एक छोटे से कागज़ पर अपना नाम ओर पता 

लिख दो ताकी मैं उसे ईश्वर के पास पंहुचा तो दूँ और उन्हें बता तो सकूँ की उनसे कौन मिलना चाहता है. 

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राजा ने कागज़ पर लिख दिया, अपना नाम, पता, उम्र,  परिचय, उपाधियाँ सब कुछ लिख दिया . 

 

सन्यासी ने कागज़ पढ़ा और राजन से कहा की ये जो सारी बातें आपने कागज़ पर लिखी है मुझे तो झूठी मालूम पड़ रही है. 

 

राजा ने कहा मैंने तो सब सही लिखा है. तब सन्यासी ने राजा से कहा, अगर तुम्हारा नाम बदल दिया तो क्या तुम बदल जाओगे. 

 

राजा ने कहा नहीं. नाम के बदलने से भला मैं कैसे बदल सकता हूं मैं तो वहीं रहूँगा.  

 

इस पर सन्यासी ने कहा.. की ये बात तो तय हो गई, की ये नाम तो तुम्हारा परिचय नहीं है. 

अब दूसरी बात. आज तू तुम राजा हो कल को ग़र भिखारी हो जाओगे तो क्या तुम बदल जाओगे. 

इस पर राजन ने कहा नहीं महात्मन मैं फिर भी वहीं रहूँगा जो हूं. 

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इस पर सन्यासी ने कहा – ठीक है अब  यह बात भी तय हो गई की आपका राज्य एवम उपाधियाँ भी आपका परिचय नहीं है. 

 

अब राजन रही तीसरी बात – आपकी उम्र क्या है?  

राजा ने कहा 40 वर्ष, इस पर सन्यासी ने कहा तो क्या  50 वर्ष के होने पर तुम कोई दूसरे इंसान मे बदल जाओगे और ग़र 20 वर्ष के थे तप क्या कोई अन्य व्यक्ति थे या फिर ज़ब नन्हे बालक थे तो क्या कोई अन्य इंसान थे.? 

 

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राजा ने कहा नहीं, बचपन से शरीर बदला उम्र बदली वस्त्र बदले उपाधियाँ बदली लेकिन मैं तो वहीं हूं  जो बचपन मे था जो मेरे भीतर था. 

 

इस पर सन्यासी ने कहा… फिर तो राजन ये उम्र भी तुम्हारा परिचय नहीं है,और ना ही  ये शरीर…. फिर तुम…. हो कौन राजन. 

 

जो तुम हो उसे लिख दो, तभी तो मैं पहुंचाऊंगा भगवान के पास. 

वरना भगवान मुझे कहेँगे की तुम झूठे हो जो झूठे लोगो का पता लेकर आरहे हो. 

 

राजा को कुछ समझ नहीं आरहा था की क्या बोले राजा कुछ देर मौन खड़ा रहा…. कुछ देर बाद राजा बोला हे महात्मन ये तो बहुत बड़ी कठिनाई की बात है…. मैं तो इन्ही सब बातों को ही अपना परिचय मानता हूं .. 

 

इस पे सन्यासी ने कहा की हाँ राजन ये तो कठिनाई की बात है जिसका मैं परिचय ना दे सकू बता ना सकूँ. की कौन मिलना चाहता है तो भगवान भी कहेँगे की मुझे आखिर किस्से मिलाने लें जा रहे हो. जाओ राजन पहले उसे खोज लो. 

 

जो तुम हो… तुम्हारा असली परिचय. तुम्हारा वजूद तुम्हारा होना.. आखिर तुम धरती पर हो तो किस मकसद से  हो.. 

 

और ये बात कहें देता हूं राजन जिस दिन तुम ये जान लोगे की तुम कौन हो. उस दिन तुम भगवान को खोजने नहीं आओगे… क्योंकि भगवान को खोजना ही तो ये जानना है की परमेश्वर क्या है. 

 

हमरारी आत्मा ही भगवान का दूसरा रूप है. 

 

कितनी प्यारी पंक्तिया है ध्यान से पढ़ना. 

मैं अपनी इबादत खुद ही कर लू. क्या बुरा है किसी फकीर ने कहा है की हर इंसान मे रब बसता है. 

 

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इस dharmik moral story से क्या सीख मिली 

 

इस dharmik moral story से हमें ये सीखने को मिलता है की ईश्वर हर इंसान मे है हर स्थान पर है. आप कहीं भी रहो जो बात दिल से ईश्वर को कहोगे तो वो आवाज़ उन टक जरूर पहुंचेगी. 

 

तो दोस्तों ये dharmik moral story आपको कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताना. 

 

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