page contents

rishton ki anmol kahani | hindi moral story

rishton ki anmol kahani – नमस्कार दोस्तों  स्वागत है आपका आज की इस ज्ञान भरी कहानी मे | आज इस कहानी मे हम जानेंगे की कैसे घर के अंदर गलत स्वार्थी लोगो की संगत की वजह से अनमोल रिश्ते खत्म हो जाते है | rishton ki anmol kahani को पूरा पढ़े|

 

रुला देने वाली rishton ki anmol kahani

एक हसीं ख़ुशी परिवार, राहुल और उसके माता पिता. माता पिता ने अपने बेटे राहुल को खूब लाड प्यार से बड़ा किया पाला पोसा पढ़ाया लिखाया. 

rishton-ki-anmol-kahani

राहुल की एक अच्छी नौकरी लग गई.माता पिता ने अब राहुल की शादी के बारे मे सोचा,

 राहुल के लिए रिश्ते देखने शुरू किये. 

लेकिन राहुल ने पहले से ही  एक लड़की देख रखी थीं. 

राहुल अपने मम्मी पापा की मर्जी के खिलाफ शादी  नहीं करना चाहता था 

लेकिन फिर भी हिम्मत करके राहुल ने अपनी पसंद माता पिता को बताई. 

एक लौता  बेटा था तो उसकी ख़ुशी के लिए माता पिता को कोई एतराज़ नहीं था. शादी हो गई बहू घर मे आई.

 कुछ सालों तक सब ठीक था लेकिन बहू उस घर मे महारानी बन कर राज़ करने का कब से दिमाग़ लगा रही थीं ये कोई नहीं जानता था,

 

जिस वजह से आए दिन कलेस का घर बना रहता.

 

 बहू की नजरो मे माँ बाप चुभने लगे  बहू ने अब तक राहुल का दिमाग़ भी पूरी तरह ब्रेन वाश कर दिया था. 

 

माँ बाप अब बूढ़े हो चले थे. उन्हें अनाथ आश्रम भेजनें के लिए बहू ने अपना कलेस कांड चरम सीमा तक पहुंचाया.

 

ब्रेन वश हो चुके  राहुल का दिमाग़ भी काम नहीं कर रहा था वो जबरन माँ बाप को अनाथाश्रम छोड़ आया. 

 

Advertisement

अगले दिन राहुल कुछ बचे हुए समान माँ बाप को लौटने गया तो उसने देखा की अनाथाश्रम का मैनेजर पिता से बहुत घुल मिल कर बातें कर रहा था मानो कोई जिगरी दोस्त हों. 

 

राहुल ने पूछा की क्या आप इन्हे जानते है?  उस व्यक्ति ने बोला  हाँ लेकिन आप कौन, वो बोला मैं इनका बेटा राहुल,

 

 इतना सुनते ही उस व्यक्ति ने ऐसा जोर दार तमाचा राहुल के मुँह पर मारा जिसकी आवाज़, पूरे अनाथ आश्रम मे गूँज गई. सब लोग राहुल की तरफ देखने लगे सन्नाटा छा गया. 

 

उस व्यक्ति ने क्रोध भरी आवाज़ मे कहा – किस मुंह से तू इन्हे अपना बेटा बोलता है, बता किस हक से तू इनका बेटा है… असलियत मैं बताता हूं तुझे आज…… चल…… 

 

व्यक्ति उसका हाथ पकड़ कर दौड़ाते हुए रजिस्ट्रेशन दफ्तर मे लें गया, वहाँ उसे उसके बचपन की फोटो और बर्थ सर्टिफिकेट तथा कुछ सबूत दिखाए. 

 

और बोला लें देख आँखे फाड़ कर, देख इसे ….. मात्र 3 महीने का था तू, ज़ब ये दो महान आत्माए तुझे गोद लेकर इस आश्रम से लेकर गई थीं. 

 

इतना सुनते ही राहुल का दिमाग़ मानो फ्यूज हो गया हो.इधर उस व्यक्ति का भाषण जारी था और उधर राहुल के आँखो से आंसू लगातार  बहते जा रहे थे, राहुल अपने घुटनो के बल गिर जाता है और जोर से चिल्लाता है भगवान ये क्या पाप हो गया मुझसे. 

 

इतने मे राहुल के बूढ़े माँ बाप  दौड़ते हुए अंदर आते है. राहुल माँ बाप के चरण पकड़ कर लेट जाता है और माफ़ी मांगता है. इससे पहले की माँ बाप कुछ बोलते राहुल एक एक करके माँ और बाऊ को अपने गोदी मे उठा कर अपनी कार मे वैसे ही लें जाता है जैसे आज से 40 साल पहले उनके माँ बाप उसे यहां से लें कर गए थे.

देर से सही ईश्वर ने राहुल को सही राह दिखाई उसे सद बुद्धि  प्रदान की |

rishton ki anmol kahani  से क्या सीखा 

दोस्तों कोई व्यक्ति तब तक की अपना होता है ज़ब तक वो दिल से रिश्ते को निभा रहा हो | दिल की जगह जब दिमाग लगने लगे , और प्यार की जगह स्वार्थ ,लालच ले ले , तो समझ जाना की अब वो रिश्ता अधिक समय तक तिक नहीं पाएगा | स्वार्थी लोगो की बातों मे आकार आफ्नो के साथ धोखा मत करे उनके साथ गलत व्यवहार न करे | 

हमेशा मन मे  मे कृतग्यता का भाव रखे यानि उपकार का भाव | जिसने आपको जिंदगी भर पाला पोशा 100 कष्ट सह कर आपकी इच्छाएँ पूरी की , आपको बड़ा किया   और जब आपके साथ देने का वक़्त आया तो किसी स्वार्थी इंसान की बाटो मे आकार आपने उन लोगो से रिश्ता तोड़ लिया ये तो इंसानियत के मुंह पर थप्पड़ के समान था | 

 

rishton ki anmol kahani – आपको कैसी लगी कमेन्ट करके जरूर बताना |

Advertisement

इन्हे भी जरुए पढ़े – 

 

Advertisement
Advertisement

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *