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12 best Moral kahani बुद्धि की ताकत

best moral kahani-  नमस्कार दोस्तो !  स्वागत आपका ज्ञान से भरी नैतिक और प्रेरणादायक (moral) कहानियो की इस दुनियाँ मे | हर इंसान के जीवन मे एसी moral कहानियो का विशेस महत्त्व  होता है |

क्योकि एसी moral कहानियों मे वो ज्ञान की बाते और सीख छुपी होती है जिन्हे जानकर हम अपने सुंदर चरित्र बल्कि एक अच्छे व्यक्तित्त्व का निर्माण भी कर सकते है |

नैतिक कहानियां (moral kahani) हमे  अपने जीवन मे  गलतियो और अनहोनियों के प्रति सजग रहना सिखाती है | जीवन मे सही फैसले लेना सिखाती है |

तो चलिये पढ़ते है हमारी आज की hindi  moral story 

 

कारपेंटर का विवेक hindi moral kahani 

Moral-kahani

 

एक गाँव में एक कारपेंटर  रहता था। वह शरीर और दिमाग से बहुत मजबूत था।

 

एक दिन उसे पास के गाँव के एक अमीर आदमी ने फर्नीचर बनबाने के लिए अपने घर पर बुलाया।

 

जब वहाँ का काम खत्म हुआ तो लौटते वक्त शाम हो गई तो उसने काम के मिले पैसों की एक पोटली बगल मे दबा ली और ठंड से बचने के लिए कंबल ओढ़ लिया।

 

 

वह चुपचाप सुनसान रास्ते से घर की और रवाना हुआ। कुछ दूर जाने के बाद अचानक उसे एक लुटेरे ने रोक लिया।

 

ज़ब कारपेंटर ने, उस लुटेरे को देखा तो, मन ही मन सोचने लगा की दिखने मे तो ये कमजोर सा दिख रहा है, बंदूक भी ठीक से पकड़ी नहीं जा रही.

मै चाहू तो अभी इसे जमीन पर पटक दू, लेकिन गलती से भी इससे बंदूक चल गई तो  काम तमाम हो जाएगा मेरा.मुझे सब्र रख कर विवेक और बुद्धि से काम लेना  चाहिए.

 

 

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लुटेरा जोश भरी कड़क आवाज़ मे बोला, ‘जो कुछ भी तुम्हारे पास है सभी मुझे दे दो नहीं तो मैं तुम्हें गोली मार दूँगा।’

 कारपेंटर  ने कुछ देर विचार किया और  पोटली उस लुटेरे को थमा दी और बोला, ‘ ठीक है यह रुपये तुम रख लो मगर मैं घर पहुँच कर अपनी बीवी को क्या कहुंगा। वो तो यही समझेगी कि मैने पैसे जुए में उड़ा दिए होंगे।

 

तुम एक काम करो, अपने बंदूक की गोली से मेरी टोपी मे एक छेद कर दो ताकि मेरी बीवी को लूट का यकीन हो जाए।’

 

लुटेरे ने बड़ी शान से बंदूक से गोली चलाकर टोपी में छेद कर दिया। अब लुटेरा जाने लगा तो कारपेंटर बोला,

 

‘एक काम और कर दो, जिससे बीवी को यकीन हो जाए कि लुटेरों के गैंग ने मिलकर मुझे लूटा है । वरना मेरी बीवी मुझे कायर ही समझेगी।

 

तुम इस कंबल मे भी चार- पाँच छेद कर दो।’ लुटेरे ने खुशी खुशी कंबल में भी कई गोलियाँ चलाकर छेद कर दिए।

 

इसके बाद कारपेंटर  ने अपना कोट भी निकाल दिया और बोला, ‘इसमें भी एक दो छेद कर दो ताकि सभी गॉंव वालों को यकीन हो जाए कि मैंने बहुत संघर्ष किया था।’

 

इस पर लुटेरा बोला, ‘बस कर अब। इस बंदूक में गोलियां भी खत्म हो गई हैं।’

 

यह सुनते ही बढ़ई आगे बढ़ा और लुटेरे को दबोच लिया और बोला, ‘मैं भी तो यही चाहता था।

 

तुम्हारी ताकत सिर्फ ये बंदूक थी। अब ये भी खाली है। अब तुम्हारा कोई जोर मुझ पर नहीं चल सकता है।

 

चुपचाप मेरी पोटली मुझे वापस दे दे वरना …..

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यह सुनते ही लुटेरे की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई और उसने तुरंत ही पोटली बढई को वापिस दे दी और अपनी जान बचाकर वहाँ से भागा।

 

 

चलिए जानते है इस  moral kahani से क्या सीख मिलती है? 

 

आज कारपेंटर की ताकत तब काम आई जब उसने अपनी अक्ल का सही ढंग से इस्तेमाल किया।

 

इसलिए कहते है कि मुश्किल हालात मे अपनी अक्ल का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए तभी आप मुसीबतों से आसानी से निकल सकते हैं।

परिथितियाँ कैसी भी हो संयम से काम लेना चाहिए. जल्दबाज़ी मे लिया फैसला बहुत खतरनाक होता है. जो आपको संकट और परेशानियों मे डाल  देता है और पछतावा होता है.

 

जरूर पढ़े –ज्ञान से भरी ये नैतिक कहानियाँ hindi story for moral 

 

तो दोस्तों यह प्रेरणादायक moral kahani आपको कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताना.

 

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यहां पर आपको रोज best moral kahani मिलती रहेंगी.

दोस्तों हमारी  हमेशा से यही कोशिश रहती है की हम  इस blog पर आपके लिए ज्ञान और शिक्षा  से भरी ऐसी ही तमाम कहानियाँ लाते रहे जिससे आपका ज्ञान बढ़ सके , बौद्धिक विकास हो सके ,जीवन मे सही फैसले ले सके , आप जीवन मे आगे बढ़ सके , मन मे सकरत्म्क विचारो का जन्म हो और  आपके सुंदर चरित्र का निर्माण हो ताकि आप आगे चल केआर सुंदर परिवार और समाज का निर्माण कर सके |

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