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best hindi story moral 1 घड़ी की टिक टिक

 hindi story moral – नैतिक कहानियाँ –नमस्कार दोस्तों  मैं हरजीत मौर्या आज फिर से आपके लिए ज्ञान से भरी एक top moral story  (शिक्षाप्रद कहानी) लें कर आया हूं. 

शिक्षाप्रद कहानियाँ (hindi moral stories) हर इंसान की जिंदगी मे बहुत बड़ा रोल play करती है | क्योकि इन moral stories मे ऐसी बहुत सी ज्ञान की बातें छुपी होती है जिसे जानने के बाद एचआर इंसान अपने जीवन की बहुत सी परेशानियों एवम दुख तकलीफ़ों का समाधान निकाल सकता है |

तो चलिये शुरू करते है हमारी आज की hindi moral story

 

घड़ी की टिक टिक | hindi story moral

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moral stories

 

एक बार मास्टर जी ने अपने घर पर . अपनी रिटायरमेंट के उपलक्ष्य पर एक छोटी सि पार्टी रखी. जिसमे स्कूल के सभी बच्चे और अध्यापक शामिल हुए.

घर बहुत बड़ा था जिसमे कई कमरे थे. पार्टी के आखिर मे ज़ब सभी लोग जाने लगे तो मास्टर जी कुछ चिंतित दिखाई दें रहे थे और इधर उधर कुछ खोज रहे थे.

 

यह देख बच्चे पूछने लगे की मास्टर जी क्या हुआ क्या खोज रहे हो?

मास्टर जी बोले मेरे कलाई पर एक घड़ी थीं वो मैंने पता नहीं कहाँ उतार कर रख दी याद नहीं आरहा.. मिल ही नहीं रही.

यह घड़ी मेरी बेटी ने मुझे तोहफ़े मे दी थीं.

 

मास्टर जी की यह बात सुन वहाँ मौजूद सभी लोग मास्टर जी की घड़ी इधर उधर खोजने लगे.

 

सभी लोग बहुत जल्दी जल्दी मे घड़ी को हर तरफ खोजने लगे.. लेकिन निराशा ही हाथ लगी.

 

मास्टर जी ने बहुत खोजा घंटो बीत गए लेकिन घड़ी नहीं मिली.

 

तभी एक बच्चा उनमे से बोला की आप सभी लोग पहले शांत हो जाए. और अपनी अपनी जगह पर खड़े रहे.

मास्टर जी मुझे 10 मिनट दीजिये मैं आपकी घड़ी खोज निकालूंगा.

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बच्चे की ये बात सुन मास्टर जी बच्चे को हैरानी से देखने लगे. और बोलने लगे की हम सब लोगो ने मिलके घड़ी को खोजा. हर जगह छान मारी.. लेकिन घड़ी कहीं नहीं मिली. अब तुम कैसे खोजोगे.

बच्चा फिर बोला.. की मास्टर जी मुझे 10 मिनट दीजिये…

बच्चे के विश्वास को देख मास्टर जी बोले ठीक है तुम भी प्रयास कर लो.

बच्चा हर कमरे मे बारी बारी से गया और 5 ही मिनट के अंदर घड़ी को खोज निकाला.

घड़ी पा कर मास्टर जी बहुत खुश हुए और हैरान भी. वहाँ मौजूद सभी लोग हैरान थे और सभी के मन मे बस यही सवाल उठ रहा था. की इस बच्चे ने इतनी जल्दी घड़ी कैसे खोज निकाली.आखिर कहाँ थी ये घड़ी

मास्टर जी ने उस बच्चे से हैरानी भरे शब्दों से पूछा की बेटा तुमने इतनी जल्दी घड़ी कैसे खोजी. आखिर कहाँ थीं ये घड़ी.

 

बच्चे ने बहुत ही शालीनता से जवाब देते हुए कहा – मास्टर जी ये घड़ी आपके कमरे मे तकिये के नीचे किनारे मे फंसी हुई थीं.

बारी बारी से मैं हर कमरे मे गया और शांती से ध्यान सी घड़ी के टिक टिक की आवाज़ सुनने की कोशिश की. यह आवाज़ मुझे मास्टर जी के कमरे मे सुनाई दी. फिर उसी समय मैंने उस कमरे की अच्छे से तलाशी की.

बस फर्क इतना था की मैंने घड़ी शांत मन से खोजी और आप लोगो ने अशांत मन से और जल्दबाज़ी मे.ऐसे मे घड़ी की आवाज़ कोई नहीं सुन पाया जिस वजह से घड़ी पर किसी की नजर नहीं गई.

 

इस hindi story moral से हमने क्या सीखा ?

दोस्तों इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है की जीवन मे बहुत सि समस्याओ का समाधान निकाला जा सकता है बस जरूरत है तो सिर्फ सयंम से काम लेते हुए शांत मन से विचार करने की.

 

तो दोस्तों यह hindi story moral आपको कैसी लगी? कमेंट करके जरूर बताए. इस hindi story moral को अपने सभी दोस्तो मे शेयर करे .ताकि वो सभी लोग भी ज्ञान से भरी इन हिन्दी कहानियो को पढ़ कर जीवन मे अनमोल ज्ञान हासिल कर सके .

 

ऐसी ही और भी moral stories की video और पोस्ट पढ़ने के लिए नीचे देखो.

 

 

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दोस्तों हमारी  हमेशा से यही कोशिश रहती है की हम  इस blog पर आपके लिए ज्ञान और शिक्षा  से भरी ऐसी ही तमाम कहानियाँ लाते रहे जिससे आपका ज्ञान बढ़ सके , बौद्धिक विकास हो सके ,जीवन मे सही फैसले ले सके , आप जीवन मे आगे बढ़ सके , मन मे सकरत्म्क विचारो का जन्म हो और  आपके सुंदर चरित्र का निर्माण हो ताकि आप आगे चल केआर सुंदर परिवार और समाज का निर्माण कर सके |

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