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best moral story लोगो की सोच | short moral story hindi

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका आज की एक और ज्ञान वर्धक कहानी best moral story लोगो की सोच मे.

आज की इस कहानी को पढ़ने के बाद आप बुरे विचारों को छोड़ कर अच्छे विचारों के प्रति आकर्षित होना आरम्भ हो जाएंगे. 

Best Moral story लोगो की सोच

एक बहुत बड़े महात्मा थे उनका खुद का आश्रम था. इन महात्मा ने अपने जीवन का ज़ादातर हिस्सा धर्म कर्म, दान पुण्य, लंगर सेवा,और सत्संग देते हुए समर्पित कर दिया. लेकिन अब वह बहुत बूढ़े हो चले थे.

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अब उन्होंने सोचा की मेरे बाद इस आश्रम को चलाने की जिम्मेदारी और सत्संग सेवा की प्रथा किसी शिष्य को प्रारम्भ रखनी होगी.  इसी सोच के साथ महात्मा जी ने जल्दी ही अपने किसी शिष्य को तमाम शिक्षाए देकर पारंगत कर दिया.

 

अब महात्मा का शिष्य सन्यासी बन ज्ञान वह रोज आश्रम आने वाले भक्तो सत्संग अमृत पान करवाता.

 

सत्संग सभा में एक सुंदर युवती भी आने लगी। वह उपदेश सुनने के साथ प्रार्थना, कीर्तन, नृत्य आदि समारोह में भी सहयोग देती।

 

लोगों को उस युवती का युवक संन्यासी के प्रति लगाव खटकने लगा। लोग सत्संग सुनते कम और ध्यान युवती और सन्यासी पर ज़ादा देते.

 

 एक दिन कुछ लोग महात्माजी के पास आकर बोले – ‘प्रभु, आपका शिष्य भ्रष्ट हो गया है।’

 

महात्मा जी बोले – ‘चलो हम स्वयं देखते हैं’। महात्मा जी आए, सभा आरंभ हुई। युवा संन्यासी ने उपदेश शुरू किया। युवती भी आई। उसने भी रोज की तरह सहयोग दिया। 

 

सभा के बाद महात्मा जी ने लोगों से पूछा – ‘क्या युवक संन्यासी प्रतिदिन यही सब करता है। और कुछ तो नहीं करता? 

 

लोगों ने कहा – ‘बस यही सब करता है।’ 

 

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महात्मा जी ने फिर पूछा – ‘क्या उसने तुम्हें गलत रास्ते पर चलने का उपदेश दिया? कुछ अधार्मिक करने को कहा?’

 

सभी ने कहा – ‘नहीं।’

महात्माजी बोले – ‘तो फिर शिकायत क्या है?’ कुछ धीमे स्वर उभरे कि ‘इस युवती का इस संन्यासी के साथ मिलना- जुलना अनैतिक है’। 

 

महात्माजी ने कहा – ‘मुझे दुख है कि तुम्हारे ऊपर उपदेशों का कोई असर नहीं पड़ा।

 

तुमने ये जानने की कोशिश नहीं की वो युवती है कौन। वह इस युवक की बहन है। 

 

चूंकि तुम सबकी नीयत ही गलत है इसलिए तुमने उन्हें गलत माना। 

मुझे इस बात का दुख नही की आप लोगो के मन पर प्रवचन का कोई प्रभाव ना हुआ.

बल्कि इस बात का दुख है की आप लोग मात्र ऊपर से सत्संग के ज्ञान का र्स पान करने आते रहे. कभी दिल से करते तो मन मे भरे विकार खत्म हो चुके होते.

 

सत्संग असली अर्थ आप लोग समझ ही नही पाए. सत्संग किसी के भी विचारों को बदल देने की की, विकारो को खत्म कर देने की और जीवन तक बदल देने की क्षमता रखता है.

 

किन्तु यह तो तभी होगा ज़ब आप लोग अपने मन से गंदगी बाहर छोड़ कर आओगे. ज़ब तक आपके मन मे दुरविचार निर्विकर भरे हुए है सत्संग का असर नही होगा.

 

महात्मा की की इन बातो को सुनकर.

सभी लज्जित व मौन हो गए, सबको अपनी गलती का एहसास हुआ, सबने महात्मा जी से क्षमा मांगी और सर झुकाए वहाँ से चले गए.

 

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शिक्षा – Best Moral story लोगो की सोच.

हम सब जे जीवन मे भी ऐसा ही होता है. ज़ब तक हम लोग बुरा देखना बुरा सोचना बंद नही करेंगे तब तक कितने भी सत्संग या अच्छी बातें पढ़ ले उनका असर लम्बे समय तक नही रहेगा.

यह तो याद रहेगा की अच्छा क्या है बुरा क्या है पर फिर भी हम पर उन बातो का प्रभाव नही रहेगा. जिस वजह से हमें जो बुरा गन्दा सोचना और करना होता है हम कर डालते है.

 

इसलिए अच्छे विचारों को मन मे पक्की जगह देने के लिए मन मे गन्दी बुरी नकारात्मक चीजे सोचना, देखना पढ़ना और सुनना बंद कर दो.

देखना आपके जीवन मे किस तरह सकारात्मक बदलाव आने लगेंगे.

 

तो मित्रो यह “Best Moral story लोगो की सोच”

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